शुगर की बीमारी में घाव
शुगर की बीमारी में घाव एक गंभीर समस्या बन सकती है खासकर जब ये समस्या पैर में या उंगलियों के बीच में हो अतः समय रहते इसका उपचार सावधानी और सुरक्षा जरूरी है ।
आइए इस पर विस्तृत रूप से चर्चा करते है।
🩸🦶 शुगर की बीमारी में घाव: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें! 🦶🩸
🔴 डायबिटीज़ में घाव क्यों खतरनाक हैं?
✅ घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है
✅ पैरों में दर्द या चोट का अहसास नहीं होता
✅ संक्रमण (इन्फेक्शन) का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है
✅ इलाज में देर से अंग काटने तक की नौबत आ सकती है ।
🔴 डायबिटीज़ में घाव क्यों खतरनाक होता है?
1. धीमी भरने की क्षमता:
ब्लड शुगर लेवल ज़्यादा होने से शरीर की घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
2. स्नायु क्षति (न्यूरोपैथी):
डायबिटीज़ में नसें कमजोर हो जाती हैं, जिससे दर्द महसूस नहीं होता और घाव का पता देर से चलता है।
3. खून का संचार कम होना:
डायबिटीज़ में रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे घाव तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुँच पाते।
4. संक्रमण (इन्फेक्शन) का खतरा:
हाई शुगर इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है, जिससे बैक्टीरिया से संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है।
⚠️ शुगर में होने वाले आम घाव:
1) डायबिटिक फुट अल्सर (Diabetic Foot Ulcer):
2 ) पैर के तलवे या अंगुलियों में छाले या कट लगने के बाद भरने में समय लगना।
3 ) फफोले, छाले या कट:
जो जल्दी सूखते नहीं और सड़ने लगते हैं।
4) नाखून के पास संक्रमण
5) या पैरों की त्वचा फटना।
🩺 लक्षण जो नज़रअंदाज़ न करें:
⚠️ फफोले या कट जो जल्दी नहीं भरते
⚠️ घाव से पस या बदबू आना
⚠️ त्वचा का काला पड़ना या सुन्न होना
⚠️ तेज़ जलन या सूजन
घाव कहां-कहां हो सकते हैं?
पैरों के तलवों में
एड़ियों के पास
अंगुलियों के बीच
नाखून के पास
किसी चोट लगने वाली जगह पर
इन घावों को डायबेटिक फुट अल्सर (Diabetic Foot Ulcer) कहा जाता है।
जोखिम कारक (Risk Factors)
लंबे समय से मधुमेह
ब्लड शुगर कंट्रोल न होना
धूम्रपान और शराब का सेवन
पुराने घाव का ठीक न होना
अनुचित जूते पहनना
नंगे पांव चलना
उपचार (Treatment)
1. ब्लड शुगर को नियंत्रित करना
इंसुलिन या दवाइयों के माध्यम से
संतुलित आहार और व्यायाम
2. घाव की सफाई और ड्रेसिंग
घाव को रोज़ साफ़ करना
बैक्टीरिया को हटाने वाली दवाइयाँ लगाना
स्टरलाइज्ड पट्टी का प्रयोग
3. एंटीबायोटिक्स का प्रयोग
संक्रमण होने पर मौखिक या इंजेक्शन द्वारा एंटीबायोटिक्स देना
4. डिब्राइडमेंट (Debridement)
मृत ऊतकों को हटाना ताकि घाव भर सके
5. ऑर्थोपेडिक सपोर्ट
विशेष जूते या सैंडल
पैरों को दबाव से बचाना
6. सर्जरी
गहरे घावों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है
अत्यधिक संक्रमित मामलों में अंग हटाना (amputation)
रोकथाम (Prevention)
ब्लड शुगर को हमेशा नियंत्रित रखें।
पैरों की रोज़ाना जांच करें।
साफ़ और सूखे मोज़े पहनें।
कम्फर्टेबल और फिटिंग जूते पहनें।
नंगे पांव ना चलें।
छोटे कट या छालों को नजरअंदाज ना करें।
धूम्रपान से बचें – यह रक्त प्रवाह को और कम करता है।
हर 6 महीने में पैरों की जांच करवाएं।
निष्कर्ष
मधुमेह में घाव एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो सही जानकारी, नियमित जांच और सतर्कता से रोकी जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि मधुमेह के मरीज अपने ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखें, पैरों की नियमित देखभाल करें, और किसी भी घाव या संक्रमण को छोटा समझकर नजरअंदाज न करें।
समय पर इलाज लेने से न केवल घाव ठीक हो सकते हैं, बल्कि मरीज एक सामान्य जीवन जी सकता है।
NOTE
यदि आपको इसके बारे में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें l
आपकाअनिल कुमार गुप्ताhttps://bodyhealthaapka.blogspot.com/2025/05/blog-post_25.html

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें