SERUM INSULIN TEST
यह इन्सुलिन का निर्माण करता है जो की एक हॉर्मोन है यह शरीर में स्थित ग्लूकोस को
ब्रेकडाउन करके उसे उर्जा में बदलने का काम करता है ऐसे में शरीर में इन्सुलिन का असंतुलन कई प्रकार की समस्याओं को जन्म देता है यह टेस्ट हमारे खून में मौजूद इन्सुलिन की मात्रा को मापता है
जिसके लिए डॉक्टर SERUM INSULIN TEST की सलाह देते है
इस टेस्ट की जरुरत तब होती है जब ब्यक्ति में LOW GLUCOSE के लक्षण दिखाई पड़ते है
जैसे की पसीना आना (Sweating) धड़कन का अनियमित होना, बेहोशी आना आदि।
कब होती है सीरम इंसुलिन टेस्ट (Serum insulin test) की जरूरत?
- 1 ) अगर आपकी लाइफस्टाइल (Lifestyle) ठीक न हो और आपको कई बीमारियों ने घेरा हो।
- 2 ) शरीर में एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल (Good cholesterol) की मात्रा कम है और ट्रायग्लीसराइड का लेवल (Triglyceride level) high है, तो ऐसे में टेस्ट की जरूरत हो सकती है।
- 3 ) अगर आपके परिवार में किसी को मधुमेह की बीमारी है, तो ऐसे में आपको भी डॉक्टर से परामर्श करने के बाद टेस्ट कराना चाहिए।
- 4 ) हाय ब्लडप्रेशर High blood pressure) इंसुलिन रसिस्टेंस का लक्षण है, ऐसे में इंसुलिन टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है।
- 5 ) अगर पैदा हुए बच्चे का वजन चार किलो तक है, तो भी आपको टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है।
- 6 ) अगर आपको स्ट्रोक की समस्या है, तो आपको जांच कराने की जरूर है। आप चाहे तो इसके संबंध में डॉक्टर से जानकारी ले सकते हैं।
कैसे किया जाता है ये टेस्ट
इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाना है फिर ओ आपको 8 घंटे या उस से अधिक तक खली पेट रहने की सलाह देता है मतलब ये की आपको इस टेस्ट से पहले खाली पेट रहना है जिसके बेहतर रिजल्ट के लिए आपको शाम को 8 बजे तक खाना खा लेने चाहिए और सुबह शौच क्रिया से फ्रेश होने के बाद आपको इस टेस्ट के लिए जाना चाहिए यह टेस्ट पूरी तरह सुरक्षित है
1 ) एक छोटी सुई के माध्यम से आपके हाथ की नस से थोडा सा blood निकाला जाता है
2 ) इस blood को lab में बिशलेषण के लिए भेजा जाता है
3 ) इस प्रक्रिया में कुछ मिनट्स ही लगते है
रिपोर्ट का सामान्य रेंज:
(यह रेंज प्रयोगशाला के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है)
फास्टिंग इंसुलिन लेवल:
2 से 25 µIU/mL के बीच सामान्य माना जाता है।
उच्च स्तर = इंसुलिन रेसिस्टेंस या ट्यूमर
निम्न स्तर = टाइप 1 डायबिटीज़ या पैंक्रियास की समस्या
⚠️ ध्यान रखने वाली बातें:
टेस्ट से पहले 8-12 घंटे का उपवास जरूरी हो सकता है।
अगर आप कोई दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर को जरूर बताएं।


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