शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025

दिल हृदय HEART

 आइए आज हम अपने दिल को समझते है ------

दिल ( HEART) 


मानव दिल 

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दिल जिसे हम ह्रदय या heart भी कहते है । ये एक बहुत ही अच्छा महत्वपूर्ण और जरूरी मानव अंग हैं ।


HEART ( दिल ) -----  




हमारा heart एक अत्यंत जरूरी अंग है जो हमारे शरीर में blood circulation का काम करता हैं ।

यह हमारे शरीर में छाती के मध्य , फेफड़ों के बीचों बीच थोड़ा बाई ओर स्थित होता है ।

यह एक मस्कुलर अंग हैं जिसमें हड्डियां नहीं होती है। यह पूरे जीवन धड़कता रहता हैं अर्थात blood circulate करते रहता हैं । 

इसका आकार हमारे हाथों की बंद मुट्ठी की तरह होता हैं ।


STRUCTURE OF HEART  (  मानव दिल की संरचना ) -----

हमारे शरीर में दिल बंद मुट्ठी की तरह होता हैं , जिसका वजन 250 से 350 ग्राम तक एक वयस्क मनुष्य  में होता है । इसके चारों तरफ दोहरी परत वाली झिल्ली होती है जिसमें तरल पदार्थ भरा होता हैं और यह हमारे heart को सुरक्षा देता हैं।

CHAMBER ------



इसमें 4 चैंबर होते है ।

 2 ऊपर और 2 नीचे  । ऊपर के चैंबर को ATRIUM और नीचे के चैंबर को ventricle कहते है ।

ऊपर के दोनों चैंबर को क्रमशः right Atrium और Left atrium तथा नीचे के चैंबर को क्रमशः right ventricle और left ventricle कहते है ।

Right और Left पार्ट एक दीवार से अलग होता है जिसे septum कहते हैं । 

यह दीवार  ऑक्सीजन युक्त blood ( oxygeneted blood) और बिना ऑक्सीजन युक्त blood ( deoxygenated blood ) को मिलने से रोकता है ।

LAYER 

इसमें तीन  लेयर भी होता हैं 

1) PERICARDIUM --- यह सबसे बाहरी परत है, जो इसको सुरक्षा प्रदान करती है ।

2 ) MYOCARDIUM ---- यह मध्य की मोटी मस्कुलर परत है जो इसको मजबूती देता हैं।

3 )  ENDOCARDIUM ---- यह भीतरी परत है ।

VALVES ---- 

Blood को एक निश्चित दिशा में प्रवाहित करने के लिए हमारे heart में चार प्रकार के valves होते है ।

1 ) TRICUSPID VALVES ----  यह Right Atrium और Right ventricle के बीच होता है ।

2 ) BICUSPID VALVES ---- इसे Mitral वाल्व कहते है ।यह लेफ्ट Atrium और Left ventricle के बीच होता है ।

3)  PULMONARY VALVES ---  यह Right ventricle और आर्टरी ( धमनी )  के बीच होता है ।

4) AORTIC VALVES ----  यह लेफ्ट ventricle और Aorta  ( महाधमनी ) के बीच होता है ।

NOTE ---- ये वाल्व BLOOD को एक ही दिशा में प्रवाहित होने देते है तथा RETURN आने से रोकते है ।

HEART BEAT ---- 

एक स्वस्थ व्यक्ति का दिल प्रति मिनट 72 बार धड़कता है , औसतन 60 से 100 के बीच ये हार्ट बीट हो सकता है। हृहृदय की धड़कन एक विद्युत आवेग ( electrical impulse) द्वारा नियंत्रित होती है जिसे सिनोट्रियल नोड कहते है । इसे प्राकृतिक पेसमेकर भी कहा जाता है ।

HEART BEAT को हम दो चरणों में समझ सकते है 

1) SYSTOLE  ---- 

हार्ट बीट का ये एक ऐसा स्टेज है जिसमें हृदय की मांसपेशियां संकुचित होती हैं और blood को बाहर की ओर पंप करती हैं। जिसे systole कहते है । इसे ऐसे समझते है ।

जब हृदय का निचला पार्ट ventricle संकुचित होता हैं तब शुद्ध blood  ( oxygenated blood  ) निलय   ( ventricle ) से महाधमनी  ( aorta ) में जाता है तथा अशुद्ध blood दाएं निलय  (right ventricle) से फेफड़ों की धमनी ( pulmonary  artery ) में जाता हैं ।  

इसका काम blood को फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों में भेजना होता हैं ।

इसका measure 120 normal होता है ।

2 ) DIASTOLE ---- 

यह एक ऐसा स्टेज है जिसमें हृदय की मांसपेशियां relax होती है और ह्रदय blood को भरने के लिए तैयार होता हैं।  

इस समय दाएं आलिंद ( Right Atrium) से  शरीर से अशुद्ध blood ( deoxygenated blood ) आता है । तथा बाएं अलिंद ( left  artium ) में फेफड़ों से  शुद्ध blood (oxygenated blood ) आता है ।

इसका उद्देश्य हृदय को फिर से blood से भर देना है ताकि अगली प्रक्रिया में अर्थात systole द्वारा blood को पंप किया जा सके ।

इसका normal measure 80 होता है ।

इसी कारण systole और diastole की प्रक्रिया मिलकर एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य रक्त दाब  ( blood presure ) 120 / 80 होता हैं ।

🔁 इसे सरल भाषा में समझे .....

सिस्टोल -- हृदय सिकुड़ता है (contract करता है) रक्त को बाहर भेजता है

डाइस्टोल --- हृदय फैलता है (relax करता है) रक्त को अंदर भरता है 

हृदय की विद्युतीय प्रणाली (Electrical System):---- 

हृदय की धड़कन एक विद्युतीय प्रणाली द्वारा नियंत्रित होती है:

1) साइनोएट्रियल नोड (SA Node): 

हृदय की धड़कन का प्राकृतिक पेसमेकर, जो विद्युतीय संकेत शुरू करता है।

2 ) एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड (AV Node): 

संकेतों को अलिंद से निलय तक पहुंचाता है।

3 ) पर्किन्जे फाइबर्स: 

निलय में विद्युतीय संकेतों को फैलाते हैं, जिससे संकुचन होता  हैं ।


🫀 मानव हृदय का कार्य (Function of Heart ) --- 

मानव हृदय (Human Heart) का मुख्य कार्य रक्त को शरीर के प्रत्येक भाग तक पंप करना है ताकि हर कोशिका को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिल सकें तथा अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकाले जा सकें।

🌟 हृदय के मुख्य कार्य:

1. रक्त परिसंचरण (Blood Circulation)---- 

हृदय लगातार सिकुड़ता (contract) और फैलता (relax) है, जिससे यह रक्त को पूरे शरीर में और फेफड़ों में पंप करता है।

2. ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त को अलग रखना---- 

बायां हिस्सा (Left Side) – शरीर में ऑक्सीजन युक्त (शुद्ध) रक्त भेजता है

दायां हिस्सा (Right Side) – शरीर से आए अशुद्ध रक्त को फेफड़ों में भेजता है

3. फेफड़ों तक रक्त भेजना (Pulmonary Circulation)---- 

दाएं निलय से रक्त फेफड़ों में भेजा जाता है, जहां वह ऑक्सीजन से भरकर बाएं अलिंद में लौटता है।

4. शरीर के अंगों तक रक्त पहुंचाना (Systemic Circulation)---- 

बाएं निलय से शुद्ध रक्त महाधमनी (Aorta) के माध्यम से पूरे शरीर में भेजा जाता है।

5. हार्मोन और पोषक तत्वों का वितरण---- 

हृदय रक्त के साथ हार्मोन, ग्लूकोज़, पोषक तत्व और एंजाइम को पूरे शरीर में पहुंचाता है।

6. अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालना ---- 

रक्त में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड) को शरीर से बाहर निकालने के लिए फेफड़ों, गुर्दों और त्वचा तक पहुंचाया जाता है।

HEART DISEASE ---- 

हृदय से संबंधित बीमारियां ---- 


हृदय रोग (Heart Disease) या दिल की बीमारी वह स्थिति है जिसमें हृदय या रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएँ आती हैं। इसे मेडिकल भाषा में कार्डियोवास्कुलर डिजीज (Cardiovascular Disease) भी कहा जाता है ।

हृदय रोग के मुख्य प्रकार:

  • 1 ) कोरोनरी धमनी रोग (Coronary Artery Disease):

  •  हृदय की रक्त वाहिकाओं में वसा या कोलेस्ट्रॉल जमा होने से रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) या एनजाइना (सीने में दर्द) हो सकता है

  • 2 ) अतालता (Arrhythmia): 

  • दिल की धड़कन में अनियमितता आना, जैसे बहुत तेज़ या धीमी धड़कन

  • 3 ) हृदय वाल्व रोग (Heart Valve Disease): 

  • हृदय के वाल्व में खराबी या संकुचन

  • 4 ) कार्डियोमायोपैथी (Cardiomyopathy): 

  • दिल की मांसपेशियों में कमजोरी या कठोरता

  • 5 ) हृदय विफलता (Heart Failure): 

  • दिल का रक्त पंप करने में असमर्थ होना

  • 6 ) जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease): 

  • जन्म से मौजूद हृदय की संरचनात्मक खराबी

  • 7 ) पेरिकार्डाइटिस (Pericarditis): 

  • हृदय के चारों ओर झिल्ली में सूजन

मुख्य लक्षण:

  • 1) सीने में दर्द या भारीपन

  • 2) सांस लेने में तकलीफ

  • 3) थकान, चक्कर आना

  • 4) तेज़ या अनियमित धड़कन

  • 5) पैर या पेट में सूजन

  • 6) पसीना आना, मतली, उल्टी  

  • 7) पीठ, जबड़े, गर्दन या बांह में दर्द फैलना 

मुख्य कारण:

  • 1) धूम्रपान, अधिक शराब सेवन

  • 2) उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल

  • 3) मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता

  • 4) डायबिटीज़

  • 5) अनुवांशिकता (परिवार में हृदय रोग का इतिहास)


Heart को स्वस्थ रखने के उपाय 

1. रोज़ाना व्यायाम करें (30 मिनट तेज चलना)

2. धूम्रपान और शराब से बचें

3. तनाव को कम करें (योग/ध्यान से)

4. संतुलित और कम वसा वाला भोजन लें

5. नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं

6. पर्याप्त नींद लें (6-8 घंटे)

रोचक तथ्य 

हृदय एक दिन में लगभग 1,00,000 बार धड़कता है।

यह प्रतिदिन 2,000 गैलन (लगभग 7,500 लीटर) रक्त पंप करता है।

हृदय का आकार और कार्य गर्भावस्था, व्यायाम और उम्र के साथ बदल सकता है।

NOTE  

यदि आपको इसके बारे में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें l 


आपका 
अनिल कुमार  गुप्ता 


https://bodyhealthaapka.blogspot.com/2025/05/blog-post_25.html


गुरुवार, 31 जुलाई 2025

HEART ATTACK

 H E A R T   A T T A C K  -----

आजकल लोगों में heart की समस्या बहुत ज्यादा होती जा रही हैं छोटे बच्चों से लेकर  बड़े तक में ये समस्या आम होती जा रही हैं।

आज समझते है heart attack क्या है और क्यों होता हैं ---- 

HEART ATTACK 

यह एक गंभीर समस्या है जिसमें हृदय की मांसपेशियां को पर्याप्त मात्रा में oxygenated blood की आपूर्ति नहीं हो पाती है जिस कारण अचानक रुकावट आ जाती है जिसे heart attack कहते हैं ।इसे mayocardial  infawarson भी कहते है । हृदयाघात के नाम से भी इसे जानते है।

हमारे शरीर में रक्त पहुंचनेवाली धमनियों में जब कोलेस्ट्रॉल ,वसा या अन्य पदार्थों के plaque जमा होने लगते है जो  हार्ट अटैक एक मुख्य कारण है ।

SYMPOTMS ----- 

HEART ATTACK के निम्न लक्षण हो सकते हैं --- 

1) ठंडा पसीना आना 

2) जी मिचलाना 

3) सीने में दर्द और दबाव सा महसूस होना 

4) हाथ जबड़ा और पीठ में दर्द होना 

5) सांस लेने में परेशानी होना 

6) बेहोशी आना

महिलाओं में गर्दन, बाँह या पीठ में हल्का या तेज़ दर्द जैसे असामान्य लक्षण हो सकते हैं। कभी-कभी, दिल के दौरे का पहला लक्षण अचानक हृदय गति रुकना होता है।


कुछ दिल के दौरे अचानक आते हैं। लेकिन कई लोगों को घंटों, दिनों या हफ़्तों पहले ही चेतावनी के संकेत और लक्षण दिखाई देने लगते हैं। सीने में दर्द या दबाव (एनजाइना) जो बार-बार होता है और आराम करने पर भी ठीक नहीं होता, एक प्रारंभिक चेतावनी संकेत हो सकता है। एनजाइना हृदय में रक्त प्रवाह में अस्थायी कमी के कारण होता है।

C A U S E --- 

1) HIGH BLOOD PRESSURE 

2) DIABETES 

3) SMOKING 

4) ALCOHAL ज्यादा लेना 

5)  किसी बारे मे ज्यादा सोचना  / तनाव में रहना 

6) मोटापा 

7) HIGH CHOLESTEROL 

बचाव के उपाय ---- 

1) स्वस्थ जीवन शैली अपनाना

2) कम वसा और ज्यादा फाइबर वाला भोजन करना 

3) एल्कोहोल और नशीले पदार्थ को बिल्कुल भी न लेना 

4) हमेशा जो है जितना है पर्याप्त है में खुश रहना 

5) जब भी समय मिले योगा या व्यायाम करना 

6) अपनी क्षमता के अनुसार जो भी फल सीजन में उपलब्ध है उनका सेवन करना 

7) वजन को अपनी उम्र के अनुसार नियंत्रित करना 

8) नाश्ता लंच और रात का भोजन समय से लेना 

डॉक्टर से कब मिलें ------ 

अगर आपको लगता है कि आपको दिल का दौरा पड़ रहा है, तो तुरंत मदद लें। 

ये कदम उठाएँ:

आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए कॉल करें। अगर आपको लगता है कि आपको दिल का दौरा पड़ रहा है, तो तुरंत 911 या अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। अगर आपके पास आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं, तो किसी को आपको नज़दीकी अस्पताल ले जाने के लिए कहें। अगर कोई और विकल्प न हो, तो ही खुद गाड़ी चलाएँ।

यदि आपके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ने आपको नाइट्रोग्लिसरीन लेने की सलाह दी है, तो उसे लें। आपातकालीन सहायता की प्रतीक्षा करते समय निर्देशानुसार इसे लें।

यदि सलाह दी जाए तो एस्पिरिन लें। दिल के दौरे के दौरान एस्पिरिन लेने से रक्त का थक्का जमने से रोककर हृदय की क्षति को कम किया जा सकता है।


एस्पिरिन अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है। जब तक आपका स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या आपातकालीन चिकित्सा कर्मी ऐसा करने के लिए न कहें, तब तक एस्पिरिन न लें। एस्पिरिन लेने के लिए 911 पर कॉल करने में देरी न करें। आपातकालीन सहायता के लिए पहले कॉल करें।


यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को देखें जिसे दिल का दौरा पड़ सकता है तो क्या करें?

अगर कोई बेहोश है और आपको लगता है कि उसे दिल का दौरा पड़ रहा है, तो सबसे पहले 911 या अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। फिर जाँच करें कि क्या व्यक्ति साँस ले रहा है और उसकी नाड़ी चल रही है। अगर व्यक्ति साँस नहीं ले रहा है या आपको उसकी नाड़ी नहीं मिल रही है, तभी आपको सीपीआर शुरू करना चाहिए।

CPR  --- इसका पूरा नाम कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन होता है ।

CPR करने के तरीके 

केवल हाथों से सीपीआर (छाती पर दबाव)

किसी वयस्क पर छाती का दबाव डालने के लिए:

  1. अपने हाथ की एड़ी को व्यक्ति की छाती के बीच में उरोस्थि पर रखें। अपने दूसरे हाथ को अपने पहले हाथ के ऊपर रखें और अपनी उंगलियाँ आपस में फँसा लें।
  2. अपने शरीर के वजन (न कि केवल अपनी बाहों) का उपयोग करते हुए, उनकी छाती पर 5 से 6 सेमी तक सीधा दबाव डालें।
  3. एम्बुलेंस आने तक इसे दोहराते रहें।
अगर आप सीपीआर में प्रशिक्षित नहीं हैं, तो केवल हाथों से सीपीआर करें। इसका मतलब है कि व्यक्ति की छाती पर ज़ोर से और तेज़ी से दबाव डालें—लगभग 100 से 120 बार प्रति मिनट।

यदि आप सीपीआर में प्रशिक्षित हैं और अपनी क्षमता पर विश्वास रखते हैं, तो दो बचाव श्वास देने से पहले 30 बार छाती को दबाना शुरू करे l



NOTE  


यदि आपको इसके बारे में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें :  

यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें l 


आपका 
अनिल कुमार  गुप्ता 


https://bodyhealthaapka.blogspot.com/2025/05/blog-post_25.html










रविवार, 13 जुलाई 2025

बाप ने बेटी को मारी गोली

 

 राधिका यादव और उसके पिता दीपक यादव 
   
 L I K E  &   F O L L O W

  इंटरनेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव को गोली मारी उसके पिता ने 

आइए जानते है राधिका यादव कौन थी और क्यों  उसके पिता ने उसे गोली मारी,,,,



राधिका यादव ----- 

राधिका यादव  का जन्म 23 मार्च 2000 को हुआ था ।वह एक 25 वर्षीय उभरती हुई भारतीय टेनिस खिलाड़ी थी । जो गुरुग्राम sushant lok sector 57 में रहती थी । वह ITF ( international Tennis Federation ) की डबल्स रैंकिंग में 113वा स्थान प्राप्त किया था ।और हरियाणा की महिला डबल्स श्रेणी में 5 वे स्थान पर थी ।

राधिका अभी तक 18 गोल्ड मेडल जीत चुकी थी।

राधिका के पिता दीपक यादव और घटना ----- 

इनके पिता का नाम दीपक यादव है जो 49 साल के है  जिन्होंने 10 जुलाई को जब सब कोई घर में था और राधिका किचेन में खाना बना रही थी इसी दौरान इनके पिता दीपक यादव ने राधिका के पीठ में अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से 3 गोली मार कर हत्या कर दी उस दौरान राधिका की मां भी घर पर ही थी । दीपक यादव राधिका के पिता ने अपनी बेटी की हत्या की बात कबूल कर ली है।

कारण जो अभी तक पता चला है ----

दीपक यादव के चचेरे भाई ने कभी भी दीपक यादव के गुस्से में होने की बात नहीं कही  उनके अनुसार वे अपनी बेटी राधिका का बहुत समर्थन करते थे। 

वे बचपन से ही राधिका के कामों में पूरा सहयोग करते थे और उसके टेनिस प्रशिक्षण पर काफी पैसा खर्च करते थे । जब राधिका प्रशिक्षण सत्र के लिए जाती थी तो वे  प्रतिदिन उसे छोड़ने और लेने आते थे । उनका ये भी मानना था कि एक दिन उनकी बेटी उन्हें गौरवान्वित करेगी ।

उन्होंने उसके लिए टेनिस प्रशिक्षण स्टेडियम बनवाया जिसमें उन्होंने करोड़ों रुपया खर्च किया ।

कारण कि बात करे तो अभी तक ज्ञात सूत्रों के अनुसार  दीपक यादव को अपनी बेटी राधिका द्वारा युवा टेनिस खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने पर आपत्ति थी । उनके अनुसार लोगों द्वारा यह  व्यंग्य किया जाता था कि वे बेटी की कमाई खाते है ।

राधिका यादव और INSTAGRAM 



कुछ मीडिया में चलाए गए दावे अनुसार, राधिका की इंस्टाग्राम रील्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी ने पिता दीपक यादव को शर्मिंदा महसूस कराया। गाँव के लोगों ने उन्हें "इंफ्लुएंसर की बेटी" कहकर ताना मारा, जिससे पिता का दबाव बढ़ा और वह राधिका को इंस्टाग्राम बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा।  


टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि रील्स को लेकर ही घर में तनाव शुरू हुआ, पिता ने अकादमी और रील्स दोनों बंद करने का जोर दिया, लेकिन राधिका ने इनसे इंकार कर दिया।  

राधिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रील्स बनाकर पोस्ट की थीं, जिसमें एक म्यूजिक वीडियो "करवां" भी शामिल था, जिसे 2024 में LLF रिकॉर्ड्स के तहत रिलीज किया गया था। 



इस वीडियो में राधिका सिंगर इनामुल हक के साथ नजर आई थीं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपक यादव को राधिका का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना और यह म्यूजिक वीडियो पसंद नहीं था, और उन्होंने राधिका से इसे डिलीट करने के लिए कहा था। राधिका ने म्यूजिक वीडियो रिलीज के बाद अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया था, जिसके बारे में उन्होंने इनामुल को बताया था कि वह अपने काम में व्यस्त थीं।

नोट: यह जानकारी समाचार स्रोतों  पर उपलब्ध पोस्ट्स पर आधारित है। जांच अभी जारी है, और कुछ दावे असत्यापित हो सकते हैं।

NOTE  

यदि आपको इसके बारे में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अन्य समाचार पत्र की सहायता ले ।


आपका 
अनिल कुमार  गुप्ता 


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शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

LOWER HBA1C

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LOWER HBA1C 

DIABETES का होना आज के समय में काफी चिंताजनक समस्या हो गया है ।
लोग इसे बहुत बड़ी समस्या समझने लगे हैं जब की ऐसा नहीं है हमारी गलत खानपान और दिनचर्या के कारण ही ऐसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं।
अगर हम अपने खानपान और दिनचर्या को नियंत्रित कर ले तो फिर इस तरह की कोई समस्या ही उत्पन्न न हो ।

डॉक्टर डायबिटीज की पुष्टि कुछ जांच जिसमें HBA1C भी एक जांच है करने की सलाह देते हैं। इस जांच से हमारे BLOOD में मौजूद तीन महीने का औसत BLOOD SUGAR का पता चलता हैं ।
( HBA1C के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पोस्ट HBA1C को अवश्य पढ़ें )

HBA1C का NORMAL RANGE  ------ 


अगर आपका HbA1c  रिपोर्ट में 

1. HbA1c 5.7 से कम है -------

तो आप एक स्वस्थ व्यक्ति है

 आपको डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी नहीं है ।

2.अगर आपका HbA1c 5.7 और 6.4 के बीच में है 

 मतलब 5.7 से ज्यादा लेकिन 6.4 से कम है
 तो आपको
डायबिटीज यानी शुगर होना शुरू हो रहा है

 इस स्थिति को प्री डायबिटीज कहते है । 

3.अगर आपका HbA1c  6.4 से ज्यादा है 

तो आप अपने डॉक्टर से मिले और उन्हें बताए ।

बिना दवा के HBA1C को नॉर्मल करना ------ 
HBa1c को कम करने के लिए हमें निम्न तरीके अपनाने चाहिए ------ 
1 ) हमें सुबह उठते ही रात में आधा चम्मच भिगोया हुआ मेथी दाना खा कर उसका पानी पी लेना चाहिए ।
2 )  नाश्ते में अपने शरीर के कूल वजन का 10 % फल खाना चाहिए ।
3 ) लंच में मिक्सड आटा की बनी हुई रोटी ,  1 कटोरी मिक्सड दाल  , हरी सब्जी फुल प्लेट ,  और 1 प्लेट सलाद जिसमें टमाटर जिसका बीज निकाल कर प्रयोग करे । 
4 ) शाम को ग्रीन टी और बिस्किट्स या पापड़ या आपको जो पसंद हो ( चीनी से बने समान छोड़कर ) लेना चाहिए ।
5 ) रात्रि में डिनर 8 बजे तक कम से कम ले और सोते समय दूध हल्दी वाला 100 ml ले ।

सावधानी ---- 

 1 ) चीनी या चीनी से बनी हुए कोई भी खाद्य पदार्थ को बिल्कुल न लें।
2 )  चाय या कॉफी को न ले ।
3 ) चावल अगर खाने का मन हो तो लिमिट में ले लेकिन डेली न ले ।
4 ) टमाटर का जूस प्रतिदिन सुबह खाली पेट बीज निकाल कर  अवश्य ले ।
5 ) 3 महीने के बाद अपना HBA1C टेस्ट कराए  ।
आपको आश्चर्जनक परिणाम मिलेगा । 

NOTE  

यदि आपको इसके बारे में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें l 


आपका 
अनिल कुमार  गुप्ता 


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रविवार, 29 जून 2025

गाना कांटा लगा शेफाली जरीवाल कार्डियक अरेस्ट

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शेफाली जरीवाल 

कांटा लगा गाना से मशहूर शेफाली जरीवाल को कार्डियक अरेस्ट से मौत 

क्या है कार्डियक अरेस्ट........ कार्डियक अरेस्ट क्या है ये जान ने से पहले थोड़ा सा जानकारी शेफाली जरीवाल के बारे मे जानते है ।

शैफाली जरीवाल ---- 

शेफाली जरीवाल 


शेफाली जरीवाल का जन्म 15 दिसंबर 1982 को अहमदाबाद में हुआ  था । इनके पिता का नाम सतीश जरीवाल और माता का नाम  सुनीता जरीवाल है ।


इनके पहले पति का नाम हरमीत सिंह था तथा दूसरे पति पराग त्यागी है ।

शेफाली जरीवाल के पहले पति हरमीत सिंह 

शेफाली जरीवाल का दूसरा पति पराग त्यागी 

शेफाली सूचना प्रौद्योगिकी / कंप्यूटर एप्लिकेशन में मास्टर डिग्री थी ।

इन्हें 2002 में कांटा लगा म्यूजिक वीडियो से सफलता मिली तभी से इन्हें कांटा लगा गर्ल के नाम से जाना जाने लगा ।

2004 में ये फिल्म मुझसे शादी करोगी में नजर आई ।

इसके अलावे इन्होंने T.V शो नच बलिए ,  बूगी वूगी  , बिग बॉस 13 में भी काम किया ।

इसके अलावे इन्होंने बेब सीरीज baby come naa , तथा boo sabki phategi में भी काम किया ।

जब ये 15 साल की थी तब से ही ये मिर्गी ( एपिलेप्सी ) की बीमारी से पीड़ित थी परंतु वर्तमान में ये स्वस्थ थी ।

मृत्यु --- 

शेफाली जरीवाल की मृत्यु 27 जून 2025 को रात्रि 10 बजे कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई।

उन्हें बेलेव्यू मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

उनका पोस्टमार्टम कूपर हॉस्पिटल में किया गया ।

उनका अंतिम संस्कार 28 जून 2025 को ओशिवारा शमशान घाट पर हुआ।

अब समझते हैं कि कार्डियक अरेस्ट क्या हैं ?

कार्डियक अरेस्ट ---- 



यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति है जिसमें हमारा heart ( हृदय / दिल ) अचानक blood को पंप करना बंद कर देता है  अर्थात दिल धड़कना बंद हो जाता हैं  जिस कारण हमारे शरीर में brain तथा अन्य अंगों तक ऑक्सीजन युक्त blood पहुंचाना बंद हो जाता हैं  , और तुरन्त मृत्यु हो जाती हैं । 

ऐसा तभी होता है जब हृदय / दिल की विद्युत प्रणाली में कोई खराबी हो । 

HEART ATTACK 

यह हार्ट अटैक से अलग होता हैं , हार्ट अटैक में blood circulation रुक जाता हैं जबकि कार्डियक अरेस्ट में blood की pumping रुक जाती हैं। स

SYMPOTMS ---- 

1) सांस लेने में प्रॉब्लम होना ,

2)  बेहोश हो जाना  , 

3 ) नब्ज का रुक जाना 

CAUSE  -----

1)  हार्ट अटैक 

2) पानी में डूबना 

3)  गंभीर चोट लगना 

4) हार्ट डिजीज 

5 ) इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन 


TREATMENT  ----- 


CPR देने का तरीका जिसे प्रत्येक व्यक्ति को आना चाहिए।

1) तुरंत CPR शुरू करना 

2 ) हॉस्पिटल तुरंत ले जाना 

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर 


कार्डियक अरेस्ट                         हार्ट अटैक 

1) यह एक आपातकालीन     1) यह भी एक गंभीर स्थिति है ।                              स्थिति है पर हर बार                                                  इमरजेंसी नहीं होती ।

2 )  इसमें दिल धड़कना बंद     2 ) इसमें खून का प्रवाह 

      हो जाता है ।                        रुक जाता हैं।

3 ) यह अचानक होता हैं ।       3 ) इसके लक्षण धीरे                                                   धीरे समझ में आते है ।

4 ) इसमें सांस का चलना बंद    4 ) इसमें सांस चलती        हो जाता हैं ।                          है ।

5 ) इसमें सीने में दर्द नहीं होता।  5 ) इसमें सीने में दर्द                                                      होता है ।

6 ) इसमें पसीना नहीं आता है।   6 ) इसमें पसीना                                                             आता हैं ।

7 ) यह इलेक्ट्रिकल समस्या है ।    7) यह ब्लॉकेज की                                                       समस्या है ।


NOTE  

यदि आपको इसके बारे ( कार्डियक अरेस्ट) में और जानकारी चाहिए या परिणामों को समझने में मदद चाहिए, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

यह जानकारी केवल आपकी ज्ञान को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए है ।किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें l 


आपका 
अनिल कुमार  गुप्ता 


https://bodyhealthaapka.blogspot.com/2025/05/blog-post_25.html


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